karnataka Election: भाजपा को झटका देते हुए जगदीश शेट्टार हुए कांग्रेस में शामिल, साफ छवि और लिंगायत नेता की पहचान

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Karnataka elections: Jagadish Shettar joins Congress, giving a blow to BJP, clear image and identity of Lingayat leader
Karnataka elections: Jagadish Shettar joins Congress, giving a blow to BJP, clear image and identity of Lingayat leader

बेंगलुरू. कर्नाटक में बीजेपी को एक बड़ा झटका लगा है। मान मनोव्वल के बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री और प्रभावशाली लिंगायत नेता जगदीश शेट्टार कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। शेट्टार सोमवार सुबह कांग्रेस के दफ्तर पहुंचे। शेट्टार ने टि​कट कटने से नाराज होकर भाजपा से इस्तीफा दिया था। इसके बाद से भाजपा की ओर से उनको पार्टी में रहने के लिए मनाने की कोशिशें हो रही थी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मिली सफलता  Therefore

भाजपा से पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार को इस बार तीन लिस्ट में शामिल नहीं किया। भाजपा इस बार नए चेहरे को टिकट देने की योजना बना चुकी थी। इससे शेट्टार नाराज चल रहे थे। जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला की मौजूदगी में शेट्टार कांग्रेस में शामिल हुए। शेट्टार पिछले 6 चुनाव इसी हुबली-धारवाड़ सेन्ट्रल सीट से जीते हैं। ये लिंगायत समुदाय से आते हैं और इनका अपने क्षेत्र में काफी प्रभाव है। जगदीश शेट्टार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं और विधानसभा अध्यक्ष भी। इसके अलावा वे बीजेपी से मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।  Therefore

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मनाने के लिए केंद्रीय राजनीति की पेशकश Therefore

बीजेपी की ओर से जगदीश शेट्टार को मनाने के लिए पुरजोर कोशिश की गई। शेट्टार को केंद्र की राजनीति में लाने की पेशकश भी की गई थी। इसके साथ ही पार्टी ने उन्हें केंद्र सरकार में पद देने की पेशकश भी की थी, लेकिन शेट्टार राजी नहीं हुए। सूत्रों का कहना है कि पार्टी शेट्टार से स्वेच्छा से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने को लेकर मना रही थी। नाराज शेट्टार ने इस बात को मीडिया में आकर सार्वजनिक कर दिया। नाराजगी उजागर के बाद पार्टी ने मनाने के प्रयास तेज किए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शेट्टार के जाने से पार्टी को राज्य के चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

50 साल की रीति नीति 5 दिन में बदली  Therefore

कहा जा रहा है कि जगदीश शेट्टार आरएसएस और बीजेपी से करीब पांच दशकों से जुड़े थे। जिसे शेट्टार ने पांच दिन में कांग्रेसी विचारधारा को अपनाते हुए दामन थाम लिया। बीजेपी अब डैमेज कंट्रोल के लिए नए नेताओं को मौका देने की बात को फैला रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नई पीढ़ी को आगे लाने के लिए वरिष्ठ नेताओं को अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जा रही है। इससे पहले बीएस येदियुरप्पा को भी पार्टी ने सीएम पद नहीं दिया था।  Therefore

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